कुसुम – किसान उर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान: किसानों के लिए सौर ऊर्जा संयंत्रों और सौर पंप की स्थापना के लिए सहायता योजना
भारत सरकार ने किसान उर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान या कुसुम योजना शुरू की है। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने इस योजना को मंजूरी दी है और ३४,४२२ करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य किसानों को वित्तीय और जल सुरक्षा प्रदान करना है। सरकार का मिशन २०२२ तक २५.७५ गीगावाट (जीडब्लू) क्षमता की सौर ऊर्जा तैयार करना है।
KUSUM – Kisan Urja Suraksha Evam Utthaan Mahaabhiyan (In English):
किसान उर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (कुसुम)
- लाभ: किसान सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना करके बिजली विभाग को बिजली बेच सकता है।
- सौर ऊर्जा संचालित कृषि पंप स्थापित करने में सहायता करेंगी।
- मौजूदा पंपों को सौर ऊर्जा पर संचालित करने में सहायता करेंगी।
- लाभार्थी: भारत देश के किसान
- द्वारा शुरू की: यह योजना भारत सरकार द्वारा शुरू की है।
- प्रारंभ तिथि: २० फरवरी २०१९
- बजट: ३४,४२२ करोड़ रुपये
- वैकल्पिक नाम: कुसुम योजना,
किसान उर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (कुसुम) घटक:
कुसुम योजना एक मेगा योजना है जो किसानों को खेती के लिए बिजली प्रदान करती है और किसानों की आय बढ़ाने के लिए एक वैकल्पिक साधन है। कुसुम योजना के तीन घटक है।
घटक ए:
१०,००० मेगावाट विकेंद्रीकृत जमीन पर चढ़कर ग्रिड से जुड़े नवीकरणीय बिजली संयंत्र
- लाभ: ५०० किलोवाट क्षमता के लिए २ मेगावाट के सौर उर्जा संयंत्रों प्रस्थापित किये जाएंगे।
- लाभार्थी: व्यक्तिगत किसान, सहकारी समितिया, पंचायत या किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ)
- उत्पादित बिजली डिस्कॉम द्वारा खरीदी जाएंगी।
- बिजली शुल्क संबंधित राज्य विनियामक आयोग (एसईआरसी) द्वारा निर्णय लिया जाएंगा।
- योजना किसानों को अतिरिक्त आय प्रदान करेगी।
घटक बी:
१७.५० लाख खड़े सौर शक्ति कृषि पंपों की स्थापना:
- लाभ: हिमाचल प्रदेश में ७.५ क्षमता से ज्यादा खड़े कृषि पंप स्थापित किये जाएंगे।
- लाभार्थी: किसान
- राज्य सरकार द्वारा ३०% की सब्सिडी प्रदान की जाएंगा।
- भारत सरकार द्वारा ४०% की सब्सिडी प्रदान की जाएंगी।
- बैंक से लोन भी उपलब्ध होंगा।
घटक सी:
१० लाख ग्रिड से जुड़े सौर संचालित कृषि पंपों के लिए सोलरस्टेशन:
- लाभ: ७.५ एचपी तक के मौजूदा कृषि पंपों के लिए इस्तेमाल होने वाली बिजली के लिए सौर सेट लगाने के लिए और बिजली निर्माण करने के लिए सहायता प्रदान की जाएंगी।
- उत्पादित बिजली डिस्कॉम द्वारा खरीदी जाएंगी।
- लाभार्थी: किसान
- राज्य सरकार द्वारा ३०% की सब्सिडी और केंद्र सरकार द्वारा ४०% की सब्सिडी प्रदान की जाएंगी।
- बैंक से लोन भी उपलब्ध होंगा।
२०२२ तक कुसुम योजना की मदत से २५,७५० मेगावाट की सौर क्षमता को जोड़ा जाएगा। घटक ए और सी को अभी प्रारंभ मोड पर लागू किया जाएगा और घटक बी को पूर्ण रूप से लागू किया जाएगा। घटक ए का उद्देश्य १००० मेगावाट सौर क्षमता की उर्जा तैयार करना है जहां घटक सी के तहत एक लाख ग्रिड से जुड़े कृषि पंप रहेंगे।